दस साल की उम्र में कुरान हाफिज मुकमल किया
मोहमदिया मदरसा अस्थावां के दस वर्षीय छात्र तौफिक अहमद ने कुरान हाफिज पूरा करके अस्थावां क्षेत्र में इतिहास रचा है। इसे लेकर समाज के लोगों ने माला पहनाकर प्रोत्साहित किया तथा मुबारकबाद दी।
नालंदा जिला के गांव अस्थावां में रहने वाले सनजीद अहमद के पुत्र तौफिक अहमद ने इस्लाम की पवित्र किताब कुराने करीम को पूरा याद कर कुरान हाजिफ बने। ऐसा करके इस बालक ने अपने मां-बाप, गांव व मदरसा का नाम रोशन किया है। अमद के उस्ताद हाफ़िज़ अख्तर साहिब को बधाई देते हुए हाफ़िज़ अख्तर साहिब ने कहा कि कोई भी कार्य लगन से किया जाए तो वह मुश्किल नहीं होता।
इस अवसर पर मदरसा के प्रिंसपल मौलाना हसमत अली, हाफ़िज़ इक्वल हैदर, मौलाना मुफ्ती अमजद साहिब आदि उस्ताद की मौजूदगी में कुरानपाक का आखरी सबक सुनाकर यह गौरव हासिल किया।
इस मौके पर दादा अहमद हुसैन फरीदी ,चच्चा शबीर अहमद , सलमान अख्तर उर्फ मिस्टर , फूफी कौसर बनो, चाची सकीला खातून, दादी, बड़ा भाई मोहम्मद बिन कासिम , सफीक अंजुम, एहतिशाम अंजुम, जिशान अंजुम ,मोहम्मद हमज़ा अस्थानवी और पुरे परिवार ने इस बच्चे को मुबारकबाद व दुआ दी।
नालंदा जिला के गांव अस्थावां में रहने वाले सनजीद अहमद के पुत्र तौफिक अहमद ने इस्लाम की पवित्र किताब कुराने करीम को पूरा याद कर कुरान हाजिफ बने। ऐसा करके इस बालक ने अपने मां-बाप, गांव व मदरसा का नाम रोशन किया है। अमद के उस्ताद हाफ़िज़ अख्तर साहिब को बधाई देते हुए हाफ़िज़ अख्तर साहिब ने कहा कि कोई भी कार्य लगन से किया जाए तो वह मुश्किल नहीं होता।
इस अवसर पर मदरसा के प्रिंसपल मौलाना हसमत अली, हाफ़िज़ इक्वल हैदर, मौलाना मुफ्ती अमजद साहिब आदि उस्ताद की मौजूदगी में कुरानपाक का आखरी सबक सुनाकर यह गौरव हासिल किया।
इस मौके पर दादा अहमद हुसैन फरीदी ,चच्चा शबीर अहमद , सलमान अख्तर उर्फ मिस्टर , फूफी कौसर बनो, चाची सकीला खातून, दादी, बड़ा भाई मोहम्मद बिन कासिम , सफीक अंजुम, एहतिशाम अंजुम, जिशान अंजुम ,मोहम्मद हमज़ा अस्थानवी और पुरे परिवार ने इस बच्चे को मुबारकबाद व दुआ दी।


Alhamdolillah
ReplyDeleteMasha Allah allah sab ko neek banne ki taufiq ata farmaye
ReplyDeleteMashallah Allah khub kamyab kre
ReplyDeleteMashallha bahut khub
ReplyDeleteMasha Allah
ReplyDeleteMashalh
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